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9 Jul 2023

VPN full form in Hindi

VPN उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट सेवा प्रदाता, सरकार, या अन्य बाधाओं से छिपी गतिविधियों से बचने और सुरक्षित रूप से अनलाइन ब्राउज़ करने में मदद करता है।



VPN का फुलफार्म क्या होता है ?

VPN का फुलफार्म होता है - वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क

वीपीएन(VPN) क्या है?

वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक प्रौद्योगिकी है जो उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित और निजी कनेक्शन स्थापित करने की अनुमति देती है, जो इंटरनेट जैसे सार्वजनिक नेटवर्क पर होता है। यह उपयोगकर्ता के उपकरण और एक दूरस्थ सर्वर के बीच एक भौतिक एन्क्रिप्टेड टनल बनाता है, जिससे ऑनलाइन गतिविधियों की निजता और गोपनीयता सुनिश्चित होती है।

यह वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क कई उपयोगों के लिए प्रयोग किया जाता है, जैसे कि वेबसाइटों और सेवाओं का सीमित पहुंच, ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता, सार्वजनिक नेटवर्कों से सुरक्षित संचार, विदेशी वेबसाइटों तक पहुंच, और कंपनी या संगठन के अंदरीकृत संचार जैसे कार्यक्रमों के लिए उपयोगी होता है।

VPN कैसे काम करता है?

VPN काम करने के लिए एक विशेष प्रोटोकॉल और तकनीक का उपयोग करता है। निम्नलिखित चरणों में VPN कैसे काम करता है, यह विस्तार से समझाया गया है:

  1. Connection Establishment (कनेक्शन स्थापना): VPN का प्रयोग करने के लिए पहले उपयोगकर्ता को एक VPN सेवा प्रदाता द्वारा प्रदान की जाने वाली VPN साधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग करना होता है। उपयोगकर्ता इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से सर्वर के साथ सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कनेक्शन स्थापित करता है।
  2. Encryption (एन्क्रिप्शन): सुरक्षित कनेक्शन स्थापित होने के बाद, VPN उपयोगकर्ता के डेटा को एन्क्रिप्ट करने के लिए एक विशेष एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल का उपयोग करता है। इस प्रक्रिया में, डेटा को एक चरबी टनाल में बंद किया जाता है ताकि उन्हें पठन करने वाले बाहरी अवरोही व्यक्ति या संगठन को उपयोगी नहीं हो सकें।
  3. Tunneling (टनेलिंग): एन्क्रिप्टेड डेटा को टनेलिंग कहा जाता है, जहां इसे VPN सार्वजनिक नेटवर्क के माध्यम से टनल बनाकर अग्रेषित किया जाता है। इस टनल का उपयोग करके, उपयोगकर्ता के डेटा का पथ सुरक्षित हो जाता है और यह अन्य संदेशों से अलग हो जाता है।
  4. IP Address Masking (आईपी पता मास्किंग): यह एक महत्वपूर्ण फायदा है जो VPN प्रदान करता है। जब VPN कनेक्शन स्थापित होता है, तो उपयोगकर्ता का आईपी पता भी बदल जाता है। यह उपयोगकर्ता के असली आईपी पते को मास्क करके उन्हें निजी रूप से रखता है और उनकी गतिविधियों को गोपनीय बनाता है।

इस प्रकार, VPN कार्य करता है और उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित, निजी और गोपनीय इंटरनेट गतिविधियों का आनंद लेने में मदद करता है। यह वेबसाइटों तक सुरक्षित पहुंच, ऑनलाइन गोपनीयता, सार्वजनिक नेटवर्कों से सुरक्षित संचार, और कंपनियों या संगठनों के अंदरीकृत संचार जैसे विभिन्न उपयोगों के लिए उपयोगी होता है।

वीपीएन का उपयोग किस लिए किया जाता है?

VPN (Virtual Private Network) का उपयोग इंटरनेट पर सुरक्षितता, गोपनीयता और अवास्तविकता को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। यह निम्नलिखित कारणों के लिए व्यापक रूप से उपयोग होता है:

  1. सुरक्षा: VPN उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कनेक्शन प्रदान करता है। जब आप VPN का उपयोग करते हैं, आपकी गतिविधियों को एक गोपनीय टनल के माध्यम से पाठित किया जाता है, जिससे आपके डेटा को बाहरी दलों से सुरक्षित रखा जाता है। इससे आपके बैंकिंग विवरण, ऑनलाइन खरीदारी, या साइबर अपराधियों के खिलाफ संरक्षित रहते हैं।
  2. गोपनीयता: VPN आपकी गोपनीयता को संरक्षित रखने में मदद करता है। जब आप VPN कनेक्शन का उपयोग करते हैं, आपका आईपी पता गुप्त रहता है और आप अनाम रूप से इंटरनेट पर ब्राउज़ कर सकते हैं। यह आपको ऑनलाइन ट्रैकिंग से बचाता है और आपकी गोपनीयता की संरक्षा करता है।
  3. अवास्तविकता: VPN उपयोगकर्ताओं को विभिन्न भौतिक स्थानों के रूपरेखा में स्थित सर्वर का उपयोग करके अवास्तविकता प्रदान करता है। यदि आप किसी विशेष देश में स्थित होते हैं और उस देश की साइटों या सेवाओं तक पहुंच चाहते हैं, तो आप VPN का उपयोग करके अपने व्यक्तिगत जुर्मानों और प्रतिबंधों को पार कर सकते हैं।
  4. सार्वजनिक नेटवर्क सुरक्षा: जब आप सार्वजनिक Wi-Fi नेटवर्क का उपयोग करते हैं, तो VPN आपकी गतिविधियों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। यह आपको हैकिंग, डेटा स्नीफ़िंग, या जासूसी के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।

इस प्रकार, VPN उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट गतिविधियों को सुरक्षित, निजी, और अवास्तविक रखने में मदद करता है, और उन्हें गणनीय लाभ प्रदान करता है।

वीपीएन एप (VPN app) क्या है?

VPN app (Virtual Private Network app) एक सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेशन होती है जो उपयोगकर्ताओं को VPN सेवाओं का उपयोग करने के लिए सुविधाजनक तरीके से अनुमति देती है। यह एप्लिकेशन विभिन्न मोबाइल डिवाइस और कंप्यूटर प्लेटफॉर्मों के लिए उपलब्ध होती है और उपयोगकर्ताओं को अपने डिवाइस पर VPN कनेक्शन को सेटअप, चालू/बंद करने, सर्वर चयन करने, और अन्य संबंधित सेटिंग्स को प्रबंधित करने की सुविधा प्रदान करती है।

एक VPN ऐप के उपयोग से उपयोगकर्ता अपने इंटरनेट गतिविधियों को सुरक्षित रखने और निजी बनाने के लिए विभिन्न फ़ंक्शन का उपयोग कर सकते हैं। इसके माध्यम से, उपयोगकर्ता एक सुरक्षित और गोपनीय टनल बना सकते हैं और अपने डेटा को एन्क्रिप्ट करके इंटरनेट पर सुरक्षित रूप से संचालित कर सकते हैं। VPN ऐप उपयोगकर्ताओं को भी विशेष सर्वर का चयन करने की सुविधा प्रदान करती है, जो उनकी भौतिक स्थान से अलग हो सकता है और उन्हें विभिन्न भौतिक स्थानों के साथ जोड़ सकता है।

आमतौर पर, VPN ऐप्स एक उपयोगकर्ता फ्रेंडली इंटरफ़ेस प्रदान करती हैं, जिसमें उपयोगकर्ताओं को सर्वर संचार स्थापित करने, कनेक्शन स्थिति की जांच करने, विभिन्न सर्वरों के बीच स्विच करने, और डेटा उपयोग की जांच करने के लिए विकल्प प्रदान किए जाते हैं।

यहां तक कि कुछ VPN ऐप्स उपयोगकर्ताओं को एन्क्रिप्टेड डेटा ट्रैफ़िक का उपयोग करने वाले सार्वजनिक Wi-Fi नेटवर्कों पर सुरक्षित रूप से सत्यापित कर सकते हैं।

यदि आप VPN का उपयोग करने का विचार बना रहे हैं, तो विभिन्न VPN सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रदान की जाने वाली ऐप्लिकेशनों में से एक का चयन करें और अपने उपयोगकर्ता आवश्यकताओं के अनुसार उसे उपयोग करें।

मुफ्त VPN (Free VPN) क्या है?

"Free VPN" का मतलब होता है "मुफ्त वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क"। ये ऐसी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क सेवा है जो उपयोगकर्ताओं के लिए बिना कोई भुगतान के उपलब्ध होती है। ये VPN सेवाएं उपयोगकर्ताओं को मुफ्त में साधारित सुविधाएं और सीमित विशेषताएं प्रदान करती हैं। हालांकि, मुफ्त VPN के साथ संबंधित विशेषताओं और विचारों को समझना महत्वपूर्ण होता है:

  1. सीमित विशेषताएं: मुफ्त VPN सेवाएं आमतौर पर प्रतिष्ठित VPN सेवाओं की तुलना में सीमित विशेषताएं प्रदान करती हैं। इसमें से शामिल हो सकता है सर्वर स्थानों की प्रतिबंधित संख्या, सीमित बैंडविड्थ, धीमी कनेक्शन गति और समरूपी प्रोटोकॉलों की छोटी संख्या।
  2. डेटा सीमाएं: मुफ्त VPN सेवाओं द्वारा उपयोगकर्ताओं पर डेटा सीमाएं लगाई जाती हैं। इसका मतलब होता है कि निश्चित समयावधि के भीतर उपयोग किए जाने वाले डेटा की अधिकतम मात्रा होती है। जब डेटा सीमा साधित हो जाती है, तो VPN सेवा या तो काम करना बंद कर देती है या उपयोगकर्ता को प्रीमियम प्लान पर अपग्रेड करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
  3. विज्ञापन: मुफ्त VPN सेवाओं में राजस्व उत्पन्न करने के लिए विज्ञापन दिखाए जा सकते हैं। ये विज्ञापन त्रुटिपूर्ण हो सकते हैं और VPN ऐप या सेवा का उपयोग करते समय उपयोगकर्ता अनुभव पर प्रभाव डाल सकते हैं।
  4. निष्पक्षता और सुरक्षा: व्यक्तिगत और विश्वसनीय VPN सेवाओं की तुलना में, मुफ्त VPN सेवाएं सुरक्षा और निष्पक्षता मामलों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकती हैं। कुछ ऐप्स उपयोगकर्ता डेटा को संग्रह कर सकती हैं और इसे तीसरे पक्षों के साथ साझा कर सकती हैं, जो उपयोगकर्ता की गोपनीयता को प्रभावित कर सकता है।

संदेशों की गति औरमुफ्त VPN सेवाएं उपयोगकर्ताओं को साधारित VPN सेवाओं के तुलना में कम विशेषताओं और सुविधाओं के साथ प्रदान की जाती हैं। ये सेवाएं आपको वेबसाइटों और सेवाओं तक पहुंच और निजीता की सुरक्षा प्रदान करने में सहायता कर सकती हैं, लेकिन उनकी सीमाएं और प्रतिबंधों की वजह से ये अधिक उन्नत और व्यापक VPN सेवाओं की तुलना में कम प्रभावी हो सकती हैं। इसलिए, जब आप मुफ्त VPN सेवा का उपयोग करते हैं, तो आपको इन सीमाओं और उनके प्रभावों के बारे में अवगत रहना चाहिए।

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Aashutosh Kumar Yadav

By Aashutosh Kumar Yadav

He is a PHP-based UI/Web designer and developer by profession and very interested in technical writing and blogging. He has been writing technical content for about 10 years and has proficient in practical knowledge and technical writing.
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